जरायुजः प्रथम उस्रियो वृषा वाताभ्रजा - श्लोक 1
पहली बारिश के समय, वाताभ्रजा और वृष्टि से जीवन को पोषण मिले। यह हमारी भूमि और वनस्पतियों को समृद्ध करे।
English:
At the first rain, may life be nourished by the rain and air-born clouds. Let it enrich the land and vegetation.
जरायुजः = पहला जन्म | प्रथम = प्रथम | उस्रियो = वर्षा | वृषा = वर्षा | वाताभ्रजा = हवा से उत्पन्न बादल | स्तनयन्न् = वर्षा करता है | एति = यह | वृष्ट्या = बारिश से | स = वह | नो = हमारे लिए | मृडाति = पोषण करे | तन्व = भूमि | ऋजुगो = सरल | रुजन् = उत्तम | य = जो | एकमोजस्त्रेधा = तीनों प्रकार में | विचक्रमे = फैल जाए
सभी अंगों और हिस्सों में जीवन को पोषण प्राप्त हो। पर्वतों और वनस्पतियों में सुरक्षा बनी रहे।
English:
May all limbs and parts receive nourishment. Let mountains and vegetation remain protected.
अङ्गेअङ्गे = हर अंग में | शोचिषा = जीवन | शिश्रियाणं = नवजात | नमस्यन्तः = सम्मानित | त्वा = तुम | हविषा = यज्ञ/बलि | विधेम = दें | अङ्कान्त्समङ्कान् = सभी अंग | अग्रभीत् = पहले पैदा हुए | पर्वास्या = पर्वत में | ग्रभीता = संरक्षित
सभी ऊंचाइयों और वनस्पतियों में जीवन प्रवाहित हो। वात से उत्पन्न जीव शक्ति प्रदान करे।
English:
Let life flow through all heights and vegetation. May wind-born energy strengthen life.
मुञ्च = फैलाओ | शीर्षक्त्या = ऊँचाइयों में | उत = और | कास = ऊँचाई | एनं = इस | परुष्परुराविवेशा = वनस्पति | यो = जो | अस्य = इसका | अभ्रजा = हवा से उत्पन्न | वातजा = वायु से जन्मा | यश्च = और | शुष्मो = सूक्ष्म | वनस्पतीं = वनस्पति | स = सभी | च | पर्वतांश्च = पर्वत के हिस्से
मेरे शरीर और चारों अंगों में शांति और सुरक्षा बनी रहे।
English:
May my body and all four limbs be protected and at peace.
शं = शांति | मे = मेरे लिए | परस्मै = शरीर में | गात्राय = शरीर | शमः = शांति/सुरक्षा | त्ववराय = अंगों में | चतुर्भ्यो = चारों | अङ्गेभ्यः = अंगों में | तन्वे = शरीर | मम = मेरा
